Monday, 11th December, 2017

दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम मीटिंग का विवरण

01, Mar 2013 By Sandeep Kadian

हैदराबाद. हालाँकि भारतीय टीम पहला टेस्ट आठ विकेट से जीत चुकी है, वे दूसरे टेस्ट की तैयारी मे कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. पूरी टीम डट कर अभ्यास कर रही है. ऐसे ही एक अभ्यास सत्र के बाद टीम ड्रेसिंग रूम मे अगले मैच के लिए रणनीति बनाने के लिए जमा हुई. इस मीटिंग मे उनके बीच जो बातचीत हुई हमने अपने ख़ुफ़िया कैमरे से रेकॉर्ड कर ली. आगे पढ़िए उस बातचीत के कुछ मुख्य अंश:

Dhoni Sachin Sehwag
अभ्यास के वक़्त कुछ मज़ाकिया पल भी गुज़ारे गए। इस नज़ारे को देख कर किसी ने कह दिया कि “टीम सहवाग का बोझ ढो रही है क्या?” जिसके बाद उसकी शिकायत टीम मैनेजमेन्ट से कर दी गई।

धोनी: देखो पहला मैच जीत कर हवा मे मत आ जाना, इंग्लेंड के साथ भी पहला मैच जीते थे.

कोहली: ऑस्ट्रेलिया के साथ इंग्लेंड वाली चिंता मत कर यार, वहाँ तो सरदार ने ज़्यादा विकेट ले कर ऐसी तैसी कर दी थी.

हरभजन: ओए! मैने कब विकेट ले ली? ग़लत सलत बातें मत बोल!

कोहली: तू नहीं भज्जी, मैं तो पानेसर की बात कर रहा था. वरना तुझपे कभी ज़्यादा विकेट लेने का इल्ज़ाम लगाया है?

हरभजन: कोहली इतना मत बोल. साले डाइपर पहनता था जब मैने खेलना शुरू किया था.. अगले मैच मे दिखा दूँगा!

सहवाग: अच्छा तेरा अगले मैच मे खेलना पक्का हो गया क्या? माही तू तो मुझे कह रहा था टीम मैच वाले दिन फाइनल करेंगे.. अभी बता, मैं खेलूँगा या नहीं?

धोनी: टीम नहीं फाइनल करी वीरू.. भज्जी तो ऐसे ही जज़्बाती हो जाता है.. टीम के बारे मे अभी सोचना है.

डिंडा: मेरा डेब्यू तो करा दो यार.. गेंदबाज़ी तो वैसे नहीं करनी है किसी तेज़ गेंदबाज़ ने.. तो इस मैच मे मुझे फील्डिंग का मौका दे दो भुवी की जगह.

ईशांत: भुवी की जगह क्यूँ बे, मुझे आराम नहीं करना क्या?

जडेजा: तुम तीनों मे से कोई भी खेल ले, पता है विकेट लेने का जिम्मा तो मेरा ही रहेगा.

कोहली: लेकिन तू तो बल्लेबाज़ है ना? रन तो बना ले पहले.

ईशांत: ओए नहीं चीकू, ये ऑल-राउंडर है, ना इसे बल्लेबाज़ी आती है, ना गेंदबाज़ी.. सच्चा ऑल राउंडर!

जडेजा: माही देख, ये फिर मुझे तंग करने लग गए.

धोनी: क्यूँ तंग कर रहे हो यार, वीरू समझा इन दिल्ली के लड़कों को..

शिखर धवन: मास्टर जी की अपने स्कूल मे नहीं सुनता आज-कल कोई, ये तो क्या सुनेंगे..

सहवाग: शिखर, साले कल के लौंडे, तू अपने डेब्यू की सोच.. पहले एक-आध मैच खेल ले फिर बात करना..

शिखर धवन: पाजी, आप ऐसे ही खेलते रहे तो इस सिरीज़ के अंत तक दो टेस्ट मैच तो ज़रूर खेल लूँगा!

कोहली: टीम का जल्दी फाइनल कर ही ले यार धोनी, वरना ऐसे ही सब लड़ते रहेंगे. ये अपना अँग्रेज़ी मनमोहन सिंह क्या कहता है?

धोनी: ये आज तक कुछ बोला है क्या जो अब बोलेगा? कभी कभी तो शक़ होता है साला बोल सकता भी है या नहीं. सचिन पाजी, आप बड़े हो. आप ही पूछो ना फ्लेचर जी से कि इनकी क्या राय है?

सचिन: अच्छा, चलो शाम को पूछता हूँ, अभी कुछ ज़रूरी पढ़ना है.

सहवाग: ऐसी कौन सी पढ़ाई कर रहे हो? यहाँ लोग बिना पढ़े लिखे कंपनियों के Vice President बन रहे हैं, और आप पढ़ने मे ही लगे हुए हो!

सचिन: वैसे वाली पढ़ाई नहीं यार, वो पूरा बजट विस्तार से पढ़ना है.. कम से कम एक सांसद को तो पूरा पढ़ना ही चाहिए…