Thursday, 23rd November, 2017

आओ बच्चों तुम्हे दिखायें झाँकी हिन्दुस्तान की

15, Aug 2013 By Sandeep Kadian

आओ बच्चों  तुम्हे दिखायें झाँकी हिन्दुस्तान की ऐसी तैसी हुई जहाँ पर देश के हर इंसान की.. वन्दे मातरम, वन्दे मातरम…

Independence Day
खुश रहना देश के बच्चों, हम तोह सफ़र कर रहे हैं

देश की ये राजधानी है, दिल्ली इसका नाम है औरतों की असुरक्षा के लिए ये बड़ा बदनाम है बलात्कार की घटना, यहाँ बड़ी ही आम है क़ानून व्यवस्था की किसी को नहीं पता किसके हाथ लगाम है धज्जियाँ उड़ी हैं यहाँ जाने कितनों के सम्मान की आओ बच्चो तुम्हे दिखायें झाँकी हिन्दुस्तान की

सपनों की ये नगरी है, मुंबई इसका नाम है हर मीटर पे खड्‍डा यहाँ की सड़कों की पहचान है हर दो चार साल मे यहाँ पर आतंकी हमले होते हैं लोग मुंबई स्पीरिट पे चलते हैं और नेतागण बस सोते हैं बालीवुड के सितारों के केस यहाँ सालों घसीटे जाते हैं कभी कभी यहाँ उत्तर भारतीय बिन बात पीटे जाते हैं देशवासियों से लड़ कर वो बात करें मराठा सम्मान की आओ बच्चो तुम्हे दिखायें झाँकी हिन्दुस्तान की

ये देश की सीमा रेखा है, जहाँ तैनात अपने जवान हैं देश की रक्षा मे जाने कितनों ने त्यागे प्राण हैं बाढ़ से लेकर दुश्मन सेना से लड़ना, सब इनके ही काम हैं इन्ही के कारण हम सबको, अपने घर मे आराम है फिर भी कोई ना इनको पूछे जब जान जाए जवान की आओ बच्चों तुम्हे दिखायें झाँकी हिन्दुस्तान की

ये है अपने देश की संसद कभी नहीं ये चलती है लोकतंत्र की चिता मे यहाँ बस आहुति ही डलती है शिष्ट बहस की जगह यहाँ बस चिल्ला-चिल्ली चलती है ज़रा बैठो और सोचो तो ये अपनी ही तो ग़लती है वोट ध्यान से डालो तुम, बात सुनो ये काम की आओ बच्चों तुम्हे दिखायें झाँकी हिन्दुस्तान की…

(to be read to the tune of this song https://www.youtube.com/watch?v=Y0nUfE_UIkE)