Tuesday, 24th October, 2017

हार की ज़िम्मेदारी उस कुत्ते पर थोपी जाए जिसने हिमंत बिस्वा के साथ मुलाकात के वक़्त राहुल बाबा का ध्यान भटकाया था

21, May 2016 By chachachaudhary

असम, बंगाल तमिल नाडु, केरल और पुड्डुचेरी के चुनाव के नतीजों को देखते हुए पूरा भारत यह जानने के लिए बेताब है की अबकी बार हार की ज़िम्मेदारी किसकी है, पुड्डुचेरी की जीत का श्रेय तो राहुल बाबा को ही जाएगा पर बाकी चार राज्यो की हार की ज़िम्मेदारी कौन लेगा इसपे अटकालो का बाज़ार काफ़ी गर्म है.

“तेरे लिए मुझे क्या क्या करना पद रहा हैं!”

फेकिंग न्यूज़ के बेवड़े संवाददाता बोनोबॉस ने जब एक कॉंग्रेस नेता से बात की तो गोपनीयता की शर्त पर उन्होने बोनोबॉस को बताया, “राहुल बाबा हार के ज़िम्मेदार नही हैं, यह बात उतनी ही सत्य हैं जितने पाकिस्तान के दावे की दाऊद पाकिस्तान मे नही हैं. हमने जाँच करवाई तो पता चला की जब हिमंत बिस्वा अथक परिश्रम के बाद राहुल बाबा को मिले थें तब एक कुत्ते ने राहुल बाबा का ध्यान भटका दिया था. वो उस कुत्ते के साथ खेलने मे मग्न हो गये थें और राहुल बाबा उनकी बात सुन नही पाए थें. हिमंत बिस्वा को राहुल बाबा का दिल समझना चाहिए था. वैसे भी वो राहुल बाबा से मिलने का प्रयास कई महीनो से कर रहे थें, कुछ साल और प्रयास कर लेते. भगवान भी तो सैकड़ो वर्षो की तपस्या के बाद ही दर्शन देते हैं. इस हिसाब से पार्टी ने यह फ़ैसला किया हैं कि इस बार हार की ज़िम्मेदारी उस कुत्ते पे डाल दी जाये. वैसे तो कॉंग्रेस का एक एक पार्टी वर्कर भी ज़िम्मेदारी लेने को तैयार हैं. अभी हम लोग यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं की क्या वो कुत्ता भाजपा वालों ने तो नही भेजा था. ये पता लगाने की ज़िम्मेदारी हमने ए.सी.पी. प्रदुयुमन को दे दी है. दया सारे दरवाज़े तोड़ कर भाजपा की साज़िश का पर्दाफाश कर देगा”.

फिर जब बोनोबॉस ने उस नेता से आगे की रणनीति के बारे मे पूछा तो उन्होने बताया की, “आगे से संसद किस मुद्दो पर रोकनी है इसपे गहन चिंतन चल रहा है, और लोकतंत्र बचाओ रैली के बाद हम वंशवाद की विरुद्ध दूसरी रैली करने वाले है. आगे कभी हमारी सरकार आई तो हम ऐसा बिल लाएँगे जिसमे प्राइवेट कंपनी मे जब भी कोई कर्मचारी खराब प्रदर्शन करेगा तब सारी कंपनी उसकी ज़िम्मेदारी लेगी और उस कर्मचारी को तरक्की मिला करेगी”.

बोनोबॉस ने जब उनसे पूछा की यह बिल की क्या ज़रूरत है तो नेताजी ने कहा की उन्हे राहुल बाबा को पुड्डुचेरी की जीत का श्रेय देने जाना है और वो निकल लिए.