Monday, 20th November, 2017

GST का असर सिगरेट पर

07, Jul 2017 By Nishant Kumar

1 जुलाई को देश भर में सरकार ने GST लागू करने का निर्णय किया है. इस निर्णय से देश भर में अनिश्चितता का माहौल है. GST में सिगरेट को 28% टैक्स वाली वस्तुओं की श्रेणी में रखा गया है, देश भर में लोगों को डर है की सिगरेट के दाम वापस बढ़ने वाले हैं. इस समाचार से सिगरेट पिने वाले समाज के विभिन्न वर्गों में तनाव का माहौल है.

काम काजी वर्ग को चिंता है की अब उन्हें अपनी सेविंग्स में से कटौती करनी पड़ेगी. इस विषय में जब हमने “एक्सवेंचर कंपनी” के बहार सुट्टा मारते राजीव से पूछा तो उनका जवाब था की उन्होंने इस साल एक “लॉन्ग टर्म इक्विटी फण्ड” में निवेश करने का सोचा था पर अब सिगरेट के रेट बढ़ जाने के बाद उन्होंने इस निर्णय को भविष्य के लिए ये कहते हुए की टाल दिया की ‘सिगरेट पीना’ और ‘लॉन्ग टर्म’ निवेश दोनों विरोधाभासी लगते हैं.”

स्मोकर असोसियेशन का नया सरकार के विरुद्ध कॅंपेनिंग
स्मोकर असोसियेशन का नया सरकार के विरुद्ध कॅंपेनिंग

उनके साथ खड़े उनके वरिष्ठ सहकर्मी जो पिछले 15 मिनट से “गुड़ंग गरम” पिते हुए हमारी बातें सुन रहे थे,अपने सुहावने दिनों की बातें बताने लगे, की वो भी क्या दिन थे जब गोल्डफ्लेक 4 रस की एक मिलती थी, उसके बाद महंगाई की ऐसी मार पड़ी की पिछले 7 वर्षों में सिगरेट के दाम 4 गुने से ज्यादा बढ़ गएँ हैं, उन्होंने बताया की इसी वजह से अब वो गुड़ंग गरम पिने लगे हैं, एक सिगरेट की कीमत में 2 सिगरेट का मजा और इसी दरम्यान वो अपने व्हाट्सप्प के सारे ग्रुप्स के मैसेज भी पढ़ लेते हैं, एक पंथ दो काज.

इसी विषय में जब हमने प्रसिद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज Global School of Technology के छात्र रोहित से बात की तो उनका कहना था की पहले तो 15 रुपये देकर 3 लोग एक सिगरेट में पी लेते थे, परन्तु अब तो बढे हुए रेट्स के बाद उन्हें गोल्डफ्लेक की जगह ब्रिस्टल पीनी पड़ेगी, इस पर उनके साथ खड़े उनके मित्र अतुल ने तत्काल एक क्रन्तिकारी आईडिया देते हुए कहा की वो तो पिछले 2 वर्षों से गोल्डफ्लेक के फ़िल्टर में बीड़ी फंसा के पी रहे. पैसे भी कम लगे और बीड़ी का नुकसान भी फ़िल्टर की वजह से आधा हो गया.

और तो और इस बढ़ी हुई कीमत की वजह से सिगरेट टपरी वाले भी बहुत विचलित हैं. उनका कहना है की रोज रोज बढ़ती कीमतों की वजह से उनकी बिक्री में तो गिरावट हुई ही है, साथ ही साथ उधारी करने वाले ग्राहकों की संख्या भी बढ़ती जा रही. जब हमने इस विषय में “पंडित पान भंडार” के मालिक श्री रामनारायण से बात की तो उन्होंने बताया की इन नयी कीमतों की वजह से देश में बेरोजगारी भी बढ़ती जा रही, पंडित जी अपने बेटे के लिए एक नयी टपरी खोलने वाले थे, पर बढ़ी हुई कीमतों की वजह से ये संभव नहीं हो पाया, अब वो अपनी FD को तोड़ कर अपने बेटे के लिए नयी टपरी लगाने का सोच रहे.

GST की वजह से बाजार की अन्य चीजें महँगी सस्ती तो हुई होंगी, पर “मौत” जरूर महँगी हो गई है.