Tuesday, 12th December, 2017

फूलों के ताज से नाखुश अरविंद केजरीवाल जी के मफ्लर बैठेंगे धरने पर

30, Jun 2016 By chachachaudhary

दिल्ली. अभी हाल के दिनो में दिल्ली के टी.आर.पी. तोड़ मुख्य मंत्री केजरीवाल जी के सर गोवा में लगे फूलो का ताज बड़ी चर्चा मे हैं. काफ़ी लोग उनकी वो तस्वीर देख के हैरान हैं की उनका मफ्लर अब लापता क्यूँ है, कहाँ है और क्या कर रहा है.

एक समय था की मैं केजरीवाल जी के लिए मोदीजी से भी ज़्यादा इंपॉर्टेंट थऽउर वो हुमेशा मुझे अपने 'गले' से ही लगा के रखते थे!
एक समय था की मैं केजरीवाल जी के लिए मोदीजी से भी ज़्यादा इंपॉर्टेंट थऽउर वो हुमेशा मुझे अपने ‘गले’ से ही लगा के रखते थे!

काफ़ी खोजबीन के बाद पता चला की उनका मफ्लर दुखी हो कर अरविंद जी की अलमारी के एक कोने मे पड़ा है, पहले तो मफलर ने फेकिंग न्यूज़ के पत्रकार से बातचीत करने से मना कर दिया पर फिर निवेदन करने के बाद और मफलर के बारे मे छापी गयी पुरानी कहानियों का हवाला दे के फेकिंग न्यूज़ ने किसी तरह मफ्लर को एक सनशिप्त इंटरव्यू के लिए मनाया, मफलर भैया के आँसू थमने का नाम ही नही ले रहे थे. उनकी आपबीती सुन के फेकिंग न्यूज़ के पत्रकार का भी दिल भर आया. दुखी मन से मफलर ने बताया, “भैया क्या बताए, दिल्ली में जब से गर्मी आई है, मेरे तो अस्तित्व पर ही सवालिया निशान लग गया है. पहले तो मेरे मालिक मुझे लिए बिना घर से कभी नही निकलते थे, मैं उनका लक्की चार्म हुआ करता था. अन्ना जी का आंदोलन हो या फिर दिल्ली के चुनाव, प्रेस में, मीडिया में, नुक्कड़ की बातचीत में, खाने की टेबल पर जब भी अरविंद जी की बात होती थी तो मेरा ज़िक्र ज़रूर होता था, मैने उनका हर धरने पर, हर प्रेस कान्फरेन्स पर, हर फिल्म रिव्यू पर, सेंटर के खिलाफ हर ट्वीट पर साथ दिया. पर दिल्ली की कड़ाके की सर्दी में जब अरविंद जी ने सड़क पर रात को धरना दिया था तब मैने ही उन्हे सर्दी से बचा के हिम्मत दी थी पर जबसे मौसम बदला है मुझे भुला दिया गया है. पहले तो गूगल पर अरविंद जी की हर तस्वीर मेरे ही साथ होती थी. विस्की और सोडा जैसी हमारी जोड़ी को पता नही किस कहमुहे की नज़र लग गयी है, फ़रवरी के महीने से मेरी चर्चा ही बंद हो गयी है, लोग मुझे भूल चुके है. जब अप्रैल के महीने में ऑड ईवन फेज़ २ हुआ था और अरविंद जी की करोड़ो तस्वीरे मीडिया, प्रेस, बस स्टॉप, टेलीविज़न, अख़बारो मे छपी थी, एक मे भी मैं नही था. अब आप ही बताएँ भाई साहब, ऐसा दिन तो भगवान किसी दुश्मन को भी ना दिखाए”.

फिर जब फेकिंग न्यूज़ ने उनकी आगे की रणनीति पूछी तो उन्होने उदास मन से बताया, “अब तो सर्दियो का ही इंतेज़ार है जी, तभी कुछ हो सकता है, गोवा का तो मौसम ऐसा है नही की अरविंद जी मुझे साथ ले के जाए, पंजाब में सर्दियो में ही मेरा कुछ हो सकता है, जब अरविंद जी गोवा से वापस आएँगे तो उन्हे पूछूँगा ज़रूर की अगर मैं मोदी जी की खिलाफ धरने पर बैठू तो क्या वो मुझे वापस अपना लेंगे. और फिर भी कुछ नही हुआ तो ऑड ईवन के सर्दियो में अगले फेज़ का इंतेज़ार करना पड़ेगा, तब अरविंद जी की तस्वीरो में शायद मुझे भी पाया जाए और मेरे अच्छे दिन लौट आए, अगर फिर से ऐसा नही हुआ तो मुझे भी किसी भाजपा नेता के साथ अरविंद जी के खिलाफ धरने पर बैठना पड़ेगा.