Friday, 20th October, 2017

FDI पर वोटिंग से पहले मायावती और मुलायम से सोनिया की बातचीत

06, Dec 2012 By Sandeep Kadian

Retail FDI पर वोट से पहले सोनिया गाँधी जी ने मुलायम सिंह यादव और बहन मायावती को 10 जनपथ पर बुलाकर उनसे FDI को समर्थन देने का अनुरोध किया. तीनो के बीच जो बात हुई, वो हमने अपने ख़ुफ़िया कैमरे के ज़रिए रेकॉर्ड की. बातचीत का विस्तृत विवरण जानने के लिए आगे पढ़ें.

सोनिया: Good Morning मुलायम जी, Good Morning माया बहन.

मायावती: Good Morning सोनिया जी

मुलायम: Good Morning सोनिया जी.. आज सुबह सुबह कैसे याद किया, FDI की बात मत कीजिएगा.. हम कह चुके हैं कि हम उसका विरोध कर रहे हैं..

सोनिया: मुलायम जी अब आप जैसे लोग भी अपनी बात पर टिकने लग गये तो ये देश कैसे चलेगा?

मुलायम: क्या सोनिया जी, सुबह सुबह धोने के लिए बुलाया है?

सोनिया: नहीं नहीं नाश्ता करने के लिए बुलाया था,  आलू के पराँठे बनवाए हैं आपके लिए, Imported आलू से बनवाए हैं!

मुलायम: सोनिया जी जब लोग कहते हैं कि मुलायम ख़ाता है तो वो  आलू के पराँठे की बात नहीं कर रहे थे.. आप ग़लत समझ गयी लगता है..

सोनिया: वो हम सब समझते हैं, अभी तो पराँठे खाओ.. बाकी खाना भी होता रहेगा.. माया बहन आप भी खाओ, इतना चुप चाप क्यों बैठी हो?

मायावती: Energy बचा कर रखे हैं.. बाहर जा कर अंबेडकर मेमोरियल के लिए चिल्ला-चिल्ली करनी है..

सोनिया: उसकी चिंता मत करो.. 12.5 एकड़ ज़मीन दिलवा रहे हैं अंबेडकर मेमोरियल के लिए..

मायावती: 12.5 एकड़ मे तो खाली दर्जन भर बुत लगेंगे हमारे, इतने मे क्या होगा

सोनिया: देखो अब मुंबई है.. मुर्दा आदमी को जहाँ कब्र की ज़मीन नसीब नहीं होती, वहाँ 12.5 एकड़ तो बहुत है.. बाकी आप हरयाणा मे खुले 8-10 मेमोरियल बनवा लीजिएगा.. ज़मीन सरकार रॉबर्ट बेटे से खरीद लेगी..

मायावती: ठीक है, देखते हैं.. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि FDI पर हमारा समर्थन मिल जाएगा उससे.. हम भी कह चुके हैं कि ये विदेशी किराना दुकान UP मे नहीं आने देंगे.

मुलायम: (अपनी उंगली चाटते हुए) अरे लेकिन माया बहन सरकार तो हमारी है.. प्रदेश मे इसका निर्णय हमें लेना है.

मायावती: निर्णय की बात नहीं है मुलायम जी, वो तो हम दोनो को पता है कि ना आपने लेना है, ना मैने लेना है.. (सोनिया जी की तरफ देखते हुए) निर्णय तो कहीं ओर से ही आएगा.. लेकिन जनता के आगे छवि का तो ख्याल रखना पड़ेगा ना

सोनिया: देखो UP मे चुनाव बहुत दूर हैं तो लोगों की अभी से चिंता क्यों करते हैं.. वैसे भी जीतना तो आप दोनों मे से ही किसी ने है.. भाजपा को तो सांप्रदायिक बता देंगे और कांग्रेस की तरफ से तो आप निश्चिंत रहो, मैं फिर से राहुल बेटे को वहाँ प्रचार के लिए भेज दूँगी.

मुलायम: हैं कहाँ राहुल जी, नज़र नहीं आ रहे.. क्या करते हैं आज कल.

सोनिया: मुलायम जी, क्या जाने क्या करते हैं.. अब आपकी तरह कामकाजी बेटा तो है नहीं हमारा.

मुलायम: ऐसी बात नहीं है सोनिया जी, हमारे तो बहुत काम आया!

सोनिया: चलो किसी के तो काम आया. देखो अब संसद शुरू होने का समय आ गया है. ऐसा करते हैं, आप दोनों वोटिंग मे हिस्सा ही मत लेना.. आपकी भी ये बात रह जाएगी कि आपने इसका समर्थन नहीं किया और हम भी जीत जाएँगे.

मायावती: लेकिन अगर हम कभी संसद मे वोट ही नहीं करेंगे तो कल को जनता हमसे जवाब नहीं माँगेगी कि हम करते क्या रहते हैं संसद जा कर. क्यों मुलायम जी?

मुलायम: सही कह रही हो माया बहन, सोनिया जी इस बार तो हम वोट देना चाहते हैं.. थक गये हैं बुढ़ापे मे walkout कर कर के..

सोनिया: चलो ठीक है, जैसी आपकी मर्ज़ी.. वैसे जाने से पहले मेरे अगले मेहमान से तो मिलते हुए जाइए…

अरे सिन्हा साहब आइए तो ज़रा.

(तभी एक दरवाज़े से CBI निदेशक रंजीत सिन्हा प्रवेश करते हैं.. उन्हे देख मुलायम जी के मुँह मे पराठा और मायावती जी के गले मे साँस अटक जाता है)

मुलायम: चलो मायावती जी, एक और वोटिंग मे हिस्सा ना लेने के लिए संसद जाना है…