Monday, 23rd October, 2017

फांसी से पहले अजमल कसाब का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

21, Nov 2012 By Sandeep Kadian

भारतीय सरकार ने अजमल कसाब की फाँसी की खबर को अत्यंत गोपनीय रखा और किसी भी न्यूज़ चैनल को इसकी भनक तक नहीं लगी, परंतु निंदिया टीवी (NINDIA TV) चैनल के पत्रकार को किसी तरह इसका पता चल गया और वे उस गाड़ी मे पहुँच गये जिससे कसाब को पुणे जेल ले जाया जा रहा था. तत्पश्चात उन्होने कसाब से कुछ सवाल पूछे. आगे पढ़िए कसाब का साक्षात्कार:

Ajmal Kasab
पत्रकार ने कसाब से उसकी एक रंगीन तस्वीर भी मांगी, पर कसाब वो दे न सका और फांसी पे लटक गया

पत्रकार: तो कसाब जी कैसा महसूस कर रहे हैं आप?

कसाब: जी बहुत अच्छा लग रहा है, आप भी कभी जाइए अपनी फाँसी पर. अच्छा लगेगा!

पत्रकार: क्या आप पहले भी कभी फाँसी पे लटके हैं?

कसाब: जी नहीं, Debut Match है.

पत्रकार: अच्छा ये बताइए कि क्या चाहते हैं आप अभी?

कसाब: जी चाहता तो ये हूँ की मेरी जगह आप लटक जाओ!

पत्रकार: वो तो नहीं हो सकता लेकिन आप हमें ये बताएँ की जेल मे आप को कोई तकलीफ़ तो नहीं थी?

कसाब: जी बिल्कुल नहीं, जेल अच्छी जगह है. आपको भी वहीं चले जाना चाहिए.

पत्रकार: लेकिन वहाँ खाना कैसा मिलता है, सुना है आपको बिरयानी मिलती थी वहाँ?

कसाब: बिरयानी तो तब होती थी जब वो रसोईघर से चलती थी, मेरे पास आते आते तो खाली चावल बचते थे, चिकन-मटन जो होता था, पहले ही निकल जाता था

पत्रकार: सुनने मे आया है की आपको डेंगू भी हुआ था, वो कैसे हुआ?

कसाब: सुना तो ये है कि मच्छर के काटने से होता है, बाकी आप ज़्यादा समझदार हैं.

पत्रकार: क्या आपकी माँ से आपकी कोई बात हुई, कैसा महसूस कर रही थी वो आपकी फाँसी की खबर सुन कर?

कसाब: जी बात तो नहीं हो पाई पर यकीन जानिए खुशी से कूद नहीं पड़ी होंगी.

पत्रकार: क्या आपने अपनी वसीयत लिखी है?

कसाब: जी हाँ, एक फाँसी आपके नाम पर लिख छोड़ी है, मेरे जाने के बाद claim कर लीजिएगा.

पत्रकार: क्या आपको अभी डर लग रहा है?

कसाब: जी पहले तो नहीं लेकिन अब आपके सवालों से ज़रूर डर लग रहा है!

पत्रकार: क्या आपको अपनी करनी पर कोई पछतावा हो रहा है?

कसाब: जी कसम से,  अगर पता होता की एक दिन ऐसे सवालों का जवाब देना पड़ेगा तो कभी कोई ग़लत काम ना करता.

पत्रकार: क्या आप हमारे दर्शकों को कोई संदेश देना चाहेंगे?

कसाब: जी यही संदेश है कि आपका चैनल ना देखा करें

(इसके बाद सुरक्षा बलों ने पत्रकार साहब को आख़िरकार वाहन से बाहर निकाला और साक्षात्कार वहीं समाप्त हुआ)