Tuesday, 22nd August, 2017

एक साल के अंदर उत्तर प्रदेश में होंगे मध्यावधि चुनाव: मायावती

12, Apr 2017 By Dharmendra Kumar

पांच राज्यों में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों का परिणाम कुछ राजनैतिक दलों के लिए चौंका देने वाला था. विगत लोकसभा चुनाव में खाता भी नहीं खोल पायी बहुजन समाज पार्टी पर अब राजनैतिक अस्तित्व बचाने का प्रश्न आन खड़ा हुआ है. हालाँकि बहुमत से विजयी भारतीय जनता पार्टी को भी इतनी बड़ी जीत की अपेक्षा नहीं थी.

पिछले कुछ हफ़्तों से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी ने जितनी प्रसिद्धि बटोरी है वह भी सबके गले नहीं उतर पा रहा. स्वयं प्रधानमंत्री और अमित शाह भी उनकी लोकप्रियता से हैरान हैं. ‘दोस्त पास हो जाये तो अच्छा लगता है लेकिन ज़्यादा नम्बरों से पास हो तो उतना अच्छा नहीं लगता’ वाली फीलिंग उनका पीछा नहीं छोड़ रही.

पत्रकारों पर क्रोधित मायावती
पत्रकारों पर क्रोधित मायावती

दूसरी तरफ मायावती ने अपना चुनावी अभियान यह कह कर जारी रखा है की “हार मान लेना हार होती है, मैंने तो कभी हार मानी ही नहीं।” उन्हें अभी भी लगता है की बहुजन समाज उनके साथ है और यह पूरा मामला इवीएम् में गड़बड़ी का है. अंबेडकर नगर के दौरे पर गयीं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पत्रकारों को सम्बोधित भी किया। उन्होंने एक बड़ा खुलासा यह किया की, “एक साल के अंदर-अंदर उत्तर प्रदेश में मध्यावधि चुनाव होंगे।” अपने भाषण को आगे पढ़ते हुए उन्होंने बताया “समय आ गया जब सांप्रदायिक शक्तिओं को परास्त किया जाए और तीसरे मोर्चे को मज़बूत किया जाए. मैंने बबुआ (अखिलेश यादव) को भी यह बता दी है, हमें तैयार रहना चाहिये।”

यह पूछे जाने पर की ‘भारतीय जनता पार्टी की सरकार तो पूर्ण बहुमत की सरकार है और वह अपना कार्यकाल पूरा न करे, यह कैसे संभव है’ के जवाब में मायावती जी ने पढ़कर सुनाया, “पांच राज्यों में चुनाव हुए, पांच मुख्यमंत्री बने लेकिन किसका नाम आप दिन-रात सुन रहे हैं, श्री योगी जी का. पंजाब में सिद्दू साहब अभी तक यह तय नहीं कर पाये हैं की मंत्री बनें या कपिल शर्मा शो का जज. कैप्टन साहब को अभी भी चिकोटी काट कर एहसास दिलाया जा रहा है की वे जीत कर मुख्यमंत्री बन चुके हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “जिस रफ़्तार से श्री आदित्यनाथ योगी काम कर रहे हैं एक साल के बाद कुछ करने को बचेगा ही नहीं। मेरे सूत्रों ने मुझे यह जानकारी दी है की यह काम ख़तम करने के तुरंत बाद वे तीर्थाटन पर निकलने  वाले हैं।” मीडिया वाले हालाँकि यह मानने को तैयार नहीं दिखे पर मायावती जी के चेहरे पर संतोष जरूर दिखा.

अखिलेश यादव ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बुआजी की बात को अन्यथा न लिया जाए! रक्षा बंधन अभी दूर है.”