Friday, 23rd June, 2017

धमेंद्र को लगा कुत्तों का श्राप, जीवन यापन के लिए करना पड़ रहा है पेट साफ करने वाली दवा का प्रचार

10, Mar 2017 By ravi ranjan

रवि रंजन, पटना। धमेंद्र को आखिरकार उन कुत्‍तों का श्राप लग ही गया, जिनके खून पीने की बात हो सभी फिल्‍मों में करते थे। लगभग सभी फिल्मों में धमेंद्र कहते थे, ‘’कुत्‍ते मैं तेरा खून पी जाउंगा।‘’ धमेंद्र के इस डायलग को सुन कर कुत्‍तों को काफी दुख होता था। वे हमेशा कहते थे कि आखिर हमने धमेंद्र का क्‍या बिगाड़ा है जो हमेशा हमारे पीछे पड़ा रहता है। हमारे खून को पीने की बाता करता है।

शाप से बचने के लिए धर्मेन्द्र कुत्तों को प्यार करते हुए
शाप से बचने के लिए धर्मेन्द्र कुत्तों को प्यार करते हुए

धमेंद्र के इस डायलग की वजह से कुत्‍तों के बीच दहशत का माहौल पैदा हो गया था। जब कभी धमेंद्र सड़क पर निकलते थे तो कुत्ते दुम दबाकर इधर-उधर भागने लगते थे। एक दिन इसी तरह भागते हुए एक कुत्‍ता गाड़ी के नीचे आ गया और उसकी पैर टूट गई। कुत्‍ते ने उसी समय धमेंद्र को श्राप दिया कि तुम्‍हारा फिल्‍मी कैरियर धीरे-धीरे समाप्‍त हो जायेगा। तुम्‍हें पैसे कमाने के लिए पेट साफ करने वाला विज्ञापन करना पड़ेगा। कुत्‍तों का खून तुम कभी पचा नहीं पाओगे। तुम्‍हारा पेट खराब हो जायेगा।

आखिर उन कुत्‍तों का श्राप धमेंद्र को लग ही गया। अब वे शायद ही कभी गलती से किसी फिल्‍म में दिख जाते हैं। उनका पेट भी खराब रहने लगा। कुत्‍तों के खून को वे पचा नहीं पाये। अब वे ‘बी टीवी’ पर ‘उदर आरोग्‍य’ दवा का पेट साफ करने वाला विज्ञापन कर रहे हैं। लगभग आधे घंटे के इस विज्ञापन में वे बतलाते हैं कि इस कदर उनका पेट खराब हो गया है कि सुबह घंटों उन्‍हें बाथरूम में बीताना पड़ता है। इसके बावजूद पेट साफ नहीं होता है। अंत में उन्‍हें किसी ने बताया कि उदर आरोग्‍य दवा लिजीए, तब पेट साफ होगा। अब वे प्रतिदिन उदर आरोग्‍य दवा लेते हैं। दूसरों को भी इस दवा के बारे में बता रहे हैं।

बहुत दिन से बड़े पर्दे पर धमेंद्र को न देख कुत्‍तों ने कुछ राहत की सांस ली थी। एक दिन अचानक कुत्‍तों ने देखा कि धमेंद्र बी टीवी पर आ रहे हैं तो उनके बीच खलबली मच गई। भों-भों करते हुए उन्‍होंने अपने सारे नाते रिश्‍तेदारों को बुलाया और टीवी के सामने बैठ गये। जब उन्‍होंने देखा कि धमेंद्र अब उनके खून पीने की नहीं, अपने पेट साफ करने की बात बता रहे हैं, तो उनके जान में जान आयी। उसी झुंड में बैठे लंगड़े कुत्‍ते ने कहा कि आखिरकार मेरा श्राप धमेंद्र को लग ही गया। कुत्तो का खून उसे नहीं पचा।