Friday, 28th April, 2017

क्रीम लगाने से सच में गोरा हुआ युवक, फेसबुक किया ज्वाइन

10, Jul 2016 By Ritesh Sinha

भागलपुर. मनोज यादव बचपन में एकदम गोरा था। उसके माँ बाप उसे प्यार से अंग्रेज़ कहते थे। लेकिन जैसे ही मनोज 18 साल का हुआ उसके बाल पकने लगे और चेहरा काला होने लगा। जिससे वो परेशान रहने लगा। मनोज के सभी दोस्त उसे चिढाते थे और उसके सांवलेपन पर जोक बनाते थे। अपने हमउम्र सभी दोस्तों को मौज मस्ती में डूबा देखकर उसे अपने सांवले चेहरे से नफरत होने लगी, वो किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रहा।

मनोज का फ़ेसबुक के लिए पहला फोटो
मनोज का फ़ेसबुक के लिए पहला फोटो

मनोज हर रोज़ अपने ही मोबाइल से सेल्फी लेकर उसे डिलीट करता जाता था। सेल्फी का दर्द तो वो झेल लेता था लेकिन फेसबुक से दूर रहना उससे झेला नहीं जाता था। तरह तरह के उपचार के बाद भी जब वो गोरा नहीं हुआ तो उसने  आखिर में टीवी में एक विज्ञापन देखकर एक महीने में गोरा करने वाली एक क्रीम खरीद ली। क्रीम लगाते ही उसका असर दिखने लगा और मनोज धीरे-धीरे गोरा होने लगा। मनोज की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। ख़ुशी के मारे उसने अपने छत से छलांग लगा दी जिससे उसके पैर की एक ऊँगली शहीद हो गयी। ऊँगली के टूटने पर भी मनोज को कोई गम नहीं था, वो गोरा होने की ख़ुशी में सारा दर्द सह गया।

गोरा होने के बाद मनोज की जिंदगी बदल गई उसने तुरंत फेसबुक ज्वाइन किया और एक ही दिन में पांच सौ फ्रेंड बनाकर अपने दोस्तों का घमंड तोड़ दिया। अब मनोज के दोस्त उससे और ज्यादा जलने लगे। मनोज हर दो दिन में अपना प्रोफाइल पिक्चर बदल देता था। कभी पहाड़ के नीचे तो कभी ताज महल के पास वाली फोटो देखकर उनके दोस्तों के सीने में सांप लोटता था। मनोज के जल्द ही पांच हज़ार फ्रेंड हो गए हालाँकि मनोज को केवल तीन हज़ार तक गिनती आती थी।

गाँव में मनोज के चर्चे बढ़ गए और इधर मनोज के खर्चे बढ़ गए। उसने तुरंत एक डीएसएलआर कैमरा, दस जोड़ी नए कपड़े, एक शायरी पुस्तक, एक “सुविचार” पुस्तक और एक रैपिडेक्स इंग्लिश स्पीकिंग बुक खरीद ली। साथ ही उसने अपने बापू से कह दिया है कि एक महीने के भीतर अगर उसे “पलसर” नहीं मिली, तो वो घर में “पल भर” नहीं रहेगा। सूत्रों से पता चला है कि मनोज के माँ बाप ने अपने बेटे की जिद पूरी करने के लिए मुद्रा योजना के तहत आवेदन कर दिया है।