Sunday, 26th March, 2017

चुनाव आयोग की अच्छी पहल, अब सबसे ज़्यादा बेतुका बयान वालों को मिलेगा चुनाव में फायदा

08, Jan 2017 By Pandey Nikkhil

दिल्ली. जैसे जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे है चुनावी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। कल जहाँ चुनाव आयोग ने अचार संहिता पाँच राज्योँ में चुनाव के मद्देनजर लागू कर दी वही आज एक सबसे अहम घोषणा करते हुए ये कहा कि इस बार के चुनाव कुछ हट कर होंगे, इस बार चुनाव में उस पार्टी को वरीयता दी जायेगी जिसके नेता सबसे ज्यादा बेतुके बयान देने में आगे रहेंगे।

हालांकि अभी ये तय होना बाकि है कि इस घोषणा को कब से लागू किया जायेगा, वैसे सूत्रों की माने तो ये काम चुनाव आयोग मुलायम और अखिलेश के बीच साइकिल बाटने के तुरंत बाद लागु कर देगी।

बैठे ही बैठे आशुतोषजी ज़बान में २-४ इंच का इजाफा हुआ है
बैठे ही बैठे आशुतोषजी ज़बान में २-४ इंच का इजाफा हुआ है

कुछ चुनावी पंडितो का मानना है कि ये कदम अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव से प्रेरित हो कर लिया गया है, जहाँ जीत उसी की हुई जो इसमें आगे था। माना जा रहा है कि इस कदम से चुनाव आयोग चुनाव को और सरल बनाने की कोशिश कर रहा है, वही अगर भविष्य की बात करें तो इस नियम के हिसाब से भविष्य में चुनाव पर खर्चा कम होगा और हो सकता है जनता प्रतिनिधि भी बिना चुनाव कराए ही चुने जा सके।

दूसरी तरफ सभी राजनितिक पार्टियों ने चुनाव आयोग के इस फैसले का एक साथ स्वागत किया है, और सबने अपने अपने जुझारू नेताओं  को कमर कसने का संकेत दे दिया है। भाजपा ने जहाँ साध्वी प्राची, साक्षी महाराज, गिरिराज सिंह आदि को अतिरिक्त सुविधा मुहैया कराने के संकेत दिए है, वही कांग्रेस ने अपने पुराने महारथी श्री दिग्विजय सिंह के साथ सलमान खुर्शीद को ये जिम्मेदारी सौंपी है। इस मामले में सपा भी कम नही दिख रही है सुनाने में आ रहा है आनन्-फानन में मुलायम सिंह ने ‘लोहिया बेतुका बयान मोर्चा’ नाम की एक इकाई भी बना कर खुद को इसका अध्यक्ष भी नामित कर दिया है। हालांकि इस फैसले से अखिलेश थोड़े मायूस जरूर दिखे। उन्होंने समाजवादी विधायको की एक मीटिंग बुला कर उनसे समर्थन का अनुरोध किया है।

इस बात से उत्साहित हो कर ‘आप’ ने उत्तरप्रदेश के चुनावों में भी हिस्सा लेने का घोषणा कर दिया है, पूछे जाने पर उनके प्रवक्ता श्री आशुतोष जी ने बताया कि हमारे पास तो तुरुप का इका है, हमारे पास तो जी हमारे अरविन्द जी ही इन सब पर भरी पड़ेंगे। आप को हम बताते चले की अब तक ‘आप’ केवल दो राज्योँ, गोवा अर पंजाब में चुनाव लड़ने वाली थी।

हमारे विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि इस बीच कुछ पार्टियों ने बेरोजगार इंजीनियरों को भी पार्टी में लेने की सोच रही है, जो उन्हें ये बेतुके बयानों वाले नेताओं की मदद करेंगे।