Saturday, 21st October, 2017

चिट्ठी आई है...

11, Feb 2013 By originalreporter

नमस्कार, आजकल चिट्ठियों का ट्रेंड ज़ोरों पर है.. हाल ही में मनमोहन जी ने वर्मा जी को चिट्ठी लिखी.. और आधी रात को सोनिया जी की चिट्ठी भी वर्मा जी को मिली.. अन्ना जी का कहना है कि सोनिया जी ने उन्हें 2 साल से चिट्ठी लिख के परेशान कर रखा है, जिससे कबाड़ी वाले भी उनकी रद्धी चिट्ठियां ख़रीदने से मना कर रहे हैं!

उधर सारे समाजशास्त्रियों का कहना है कि ये सबसे लोकतांत्रिक एवं सभ्य तरीक़ा है अपनी बात कहने का.. मीडिया के बढ़ते हुए दकियानुसी ख़बरें बनाने की आदतों की वजह से काटजू जी का कहना है कि आप अपना इंटरव्यू किसी न्यूज़ चैनल को देने के बजाए चिट्ठियां लीखिए! उधर बाबा रामदेव जी ने इस बात को पूरी गंभीरता से लेते हुए देश के 121 करोड़ लोगों को एक ऐसा योगासन सिखाने की ठानी है जिससे आप दोनों हाथों और पैरों से एक साथ चिट्ठी लिख सकतें हैं!

शिंडे जी ने भी अपना तकिया कलाम “हम बात कर रहे हैं!” से बदल कर “हम लिख रहै हैं” कर दिया है, जिसकी आधिकारिक जानकारी लिखित में चिट्ठी के माध्यम से मनीष तिवारी जी ने दी!

इस बात से सबसे ज़्यादा ख़ुश दिग्विजय सिंह जी हैं जिनका कहना है कि वो बकायदा आरोपों की लिस्ट लेके आते हैं लेकिन सब कुछ इंटरव्यू में बोल नहीं पाते.. चिट्ठियों के प्रचलन से अपनी पूरी बात कह पाएंगे!

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हवाला देते हुए Congress ने कहा कि वो postal serive में FDI लाएंगे जिससे की चिट्ठियों का modernization हो पाएगा और हम अपनी बात कहने के लिए चिट्ठी के साथ automated घूस, चप्पल, और फूल ही भेज पाएंगे.. इसका सबसे ज़्यादा डर राजा और कलमाड़ी जी को है! शाहरूख़ ख़ान जी की भी नींद हराम है, वो डर रहे हैं कि कोई गार्ड उन्हें automated लाठी न भेज दें..

इसके लिए अमिताभ और आमिर दोनो ही brand ambassador बनना चाहते हैं.. लेकिन सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि सबसे उपयुक्त व्यक्ति फ़रदीन ख़ान है जो जाने कब से डॉयरेक्टर्स को चिट्ठी लिख रहा है कि कोई उसे फ़िल्म दे दे!

सीनियर पोस्टमैन रामप्रसाद जी का कहना है कि इससे उनकी ड्यूटी पे बहुत लोड पड़ेगा.. उन्होंने सभी को Facebook पे चैट करके ही मसला सुलझाने की ऐडवाइस दी है.. बहरहाल हम तो यही कहेंगे कि चिट्ठी लिखना एक बात है और उसमें जो लिखा हुआ है वो करना अलग बात है!

धन्यवाद!