Tuesday, 26th September, 2017

बिहार से, बाढ़ के बाद चारा- प्रबंधन

25, Aug 2016 By khakshar

हर साल की तरह बिहार में बाढ़ का प्रकोप भयंकर है। ग्यारह साल के सुशासन से विकासित राज्य में इस साल बारिश सामान्य से कम हुई हैं। फिर भी, ये तो नियति है बिहार की। हरेक बार “नेपाल” को दोष देने वाली राज्य सरकार इस बार कुछ अलग कर रही है। छत्तीसगढ़ के वाणसागर बांध से सोन में करीब 11 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने को बाढ़ का कारण बता कर।

पटना में प्रस्तावित मेट्रो का प्रोटोटाइप
पटना में प्रस्तावित मेट्रो का प्रोटोटाइप

बिहार के मौसम-वैज्ञानिक जैसे राजनीतिकार दुसरे राज्य के किस डैम से कितना पानी कब छुटेगा की जानकारी माँगने में खुद को छोटा समझते हैं। बिहार की अस्मिता पे चोट जैसा लगता हैं इन्हें। सरकारी आपदा प्रबंधन के इंचार्ज हरेक वर्ष की तरह एक नदी-नुमाँ-नाम वाले व्यास जी कर रहे हैं।

इधर लालू प्रसाद की पार्टी “राजद” ने आनन-फानन में “बाढ़ प्रबंधन सेल” भी बना दिया हैं और टुल्लु यादव को इसका प्रमुख घोषित कर दिया हैं। टुल्लु यादव ने सुशासन को एक पत्र चिपका दिया हैं-

राजद बाढ़ प्रबंधन प्रकोष्ठ (सेल) सर्वे चारात्य भवन्तु

पता- सकरी चारा वाली गली (सूखे में)

लालू व राबड़ी निवास (बाढ़ में) पीरिय मुख्मंत्री जी,

आपको बधाई हो की आपने नेपाल के साथ-साथ दो -तीन राजयों को भी बिहार के बाढ़ में लपेट लिया। सबको पता है की “ठेल ” के आप गुरु हैं। ऐन -वक़्त पर फरक्का का मुद्दा उठा आपने केंद्र सरकार को सही रास्ता दिखाया हैं।

हमारे नेता, श्री श्री लालू ने “गंगा मैय्या घर-घर ” से आपके चिंताओं को हल्का कर दिया हैं। राष्ट्रीय टीवी भी देखा कीजिए। सब चैनल वाले बकबका रहे हैं की लालू जी अपने मज़ाकिया अंदाज़ से बाढ़ की विपदा को कम कर दिया। आपके कार्य को उन्होंने हल्का किया हैं। आप भी साशन को हल्का कीजिए। इक्कीस ठेकेदारों की सूची हम आपको एकांत में देंगे, बाढ़ के बाद पुनः निर्माण हेतु। (ये सब पत्र में नहीं लिखा जाता)

इस बाढ़ के बाद चारा-प्रबंधन पर ध्यान दीजिए। मवेशी को खाने का चारा बाढ़ दहा ले जाती हैं। असली गो -रक्षा के नाम पर इस बार चारा का बजट बढ़ाइये।

टुल्लु यादव प्रमुख (लालु चा बगले में बैठे हैं, चरण-स्पर्श )

Topics:#Bihar #Floods