Friday, 24th November, 2017

भ्रष्टाचार की बदल देंगे परिभाषा: अजय माकन का दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले घोषणा

20, Apr 2017 By Dharmendra Kumar

दिल्ली नगर निगम चुनाव की तैयारी में जुटी तमाम राजनैतिक पार्टियां अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए एड़ी चोटी का बल लगा रही है. और कुछ हो न हो दिल्ली में चुनावी वायु प्रदूषण अपने शबाब पर है. आप के किले में सेंध लगने की खबर ने बाकी सब पार्टियों का मनोबल बढ़ाया है. भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति में रोज़ बदलाव कर यह जता दिया है की केंद्र में उनकी ही सरकार है और विमुद्रीकरण पूरी तरह सफल रहा था.

अजय मकान के हसीन सपने
अजय मकान के हसीन सपने

नए चेहरों को लाने पर अड़े माननीय संबित पात्रा और श्री अमित भाई शाह ने दिल्ली नगर निगम के अपने सारे पुराने चुने गए प्रतिनिधियों को एक ही झटके में मार्गदर्शक मंडल का हिस्सा बना दिया है. इस बात से सबसे ज़्यादा आघात श्री नारायण दत्त तिवारी को हुआ है जिन्होंने हाल ही में बीजेपी ज्वाइन किया था. उनका कुछ बन जाने का सपना फिर से धूमिल होता दिख रहा है. बकौल उनके, ‘फायदा क्या हुआ पार्टी बदलने का जब मेरे अनुभव से कोई सीख ही नहीं रहा.’ हाल ही में उनके पुत्र घोषित हुए रोहित शेखर तिवारी ने भी हाँ में सर हिला दिया।

उधर कांग्रेस भी पूरे उत्साह में है. उत्साह का कारण हालाँकि स्पष्ट नहीं दिख रहा क्यूंकि श्री अजय माकन जी की ही अगुवायी में पिछले विधान सभा चुनाव में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पायी थी. कॉमन वेल्थ गेम्स और अन्य भ्रस्टाचार के आरोपों से घिरी पार्टी को जनता ने सिरे से नकार दिया था. इस बार कांग्रेस पर राहु की दशा न होगी ऐसा कहना कठिन है.

अपने रोड शो के दौरान आज श्री अजय माकन जी ने लोगों से अपील की, ‘जनता हमारे पहले की ग़लतियों को भुला दे और भारी मतों से हमारी पार्टी को विजयी बनाये। वैसे भी कामनवेल्थ गेम्स अब होने वाले हैं नहीं और सुरेश कलमाड़ी जी को हमने नगर निगम चुनाव प्रचार से दूर रखा है.’ भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने सफाई देते हुआ कहा, ‘हमने लगभग ६० साल राज किया है और जनता का भला करने का हमारा जितना अनुभव रहा है वह और किसी पार्टी में नहीं। बदलते वक़्त के साथ हम कोशिश करेंगे की भ्रष्टाचार की परिभाषा भी जाए.’

उन्होंने मीडिया को भी आस्वस्त करते हुआ कहा, ‘ऐसी कोई वजह नहीं है की जनता हमपे भरोसा नहीं करे, यह आर या पार की लड़ाई होगी।’

अगले कुछ हफ्ते हम सबकी नज़र दिल्ली पर रहेगी।