Monday, 20th November, 2017

भैंस की व्यथा भैंस की ज़ुबान से: बेबी को भैंस पसंद है

10, Mar 2017 By Ullas Hunka
भैंस के बदले अंदाज़
भैंस के बदले अंदाज़

रामपुर: बच्चा जब थोड़ा बड़ा होता है. दूध मेरा पीता है. वो भी बोर्न वीटा डाल-डाल कर और निबन्ध लिखने के लिए गाय हाथी या कुत्ते ही क्यों? अगर बच्चा लिख नहीं पाता तो बोलते हैं, ‘काला अक्षर भैंस बराबर’। तो क्या दूसरे जानवर पोस्ट ग्रेजुएट हैं? यदि कोई गलती करे तो लोग कहते हैं कि गई भैंस पानी में बाकी के जानवर क्या कोका कोला में जाते हैं? कोई न सुने तो कहते हैं भैंस के आगे बीन बजाना बाकी के आगे क्या हनी सिंह का गाना बजाते हैं? क्या बिगाड़ा है हमने?

भला हो उस बेबी का जो हमे पसंद तो करती है। बेबी को भैंस पसंद है गीत एक नई उम्मीद जगा ही रहा था कि तभी एक भैंस अपनी दुःख भरी कहानी को बोलने से कुछ लुटियंस जोन पत्रकारों ने रोक दिया।

सम्पूर्ण भैंस समाज ने कल से हड़ताल पे जाने की घोषणा की है, इसके समर्थन में आज़म खान साहेब, केजरीवाल जी, मायावती जी(के),आ गए है। राजनाथ सिंह जी ने इसकी पूरी जाँच के आदेश उ.प्र. पुलिस (तजुर्बे को देखते हुए), को देने की घोषणा की घोषणा की है। और अरुण जेटली जी और शरद पवार साहेब को भैंस समाज को मनाने की जिम्मेदारी दी है। जिसमे मुआवजे की राशि तय की जा रही है। इस मुआवजे से होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए नए सेस की घोषणा आज शाम तक हो सकती है।