Wednesday, 18th October, 2017

अब नियमित रूप से मनाया जायेगा बंध दिवस !

26, Feb 2013 By circuslion

सरकार ने  इंडस्ट्री को आये दिनों होने वाले भारत  बंद से हो रहीं मुसीबत से राहत दिलाने की ठान ली है ।

लम्बे समय से चली आ रही इस भारत बंध की परंपरा को अब अधिकारिक तौर पे एक राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जा सकेगा ।  सूत्रों के अनुसार सरकार आगामी बजट सत्र में इसके लिए एक विधेयेक (bill) प्रस्तुत करने वाली है ।

इस निर्णय के पीछे   आरएसएस  PMO और श्री मोंटेक सिंह अहलुवालिया का हाथ बताया जा रहा है । GDP ग्रोथ को फिर से दुरुस्त करने की मंशा  और PM के “animal spirit”  के आहवान इस कदम के मुख्य सूचक कहे जा रहे हैं ।

“भारत बंध दिवस”  विधेयेक में हर वर्ष नियमित रूप से 1-2 दिन के भारत बंद का प्रावधान रहेगा । बंध दिवस की एक शाम पहले  राष्ट्रपति का देश के नाम सन्देश होगा (Bandh Day Eve address ) जिस में वे सरकार  की बंद योजनाओ का व्याख्यान करेंगे ।

“Bandh Parade ka ek namoona”

बंध  दिवस पर प्रधानमंत्री संसद भवन की छत्त पर तिरंगा फ़हराएंगे  और राष्ट्र को संबोधित  करेंगे ।   संसद को इस लिए चुना गया क्यूंकि वेह  भी अमूमन स्थगित अथवा बंद ही रहती है । संदेश के बाद जंतर-मंतर से राष्ट्रपति भवन तक परेड होगी  जिसमे हर संगठन को प्रदर्शन एवं नारेबाजी की अनुमति होगी । परेड में आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता , बाबा रामदेव के समर्थक और  “Youth of  Delhi”  को आधिकारिक निमंत्रण दिया जायेगा । दिल्ली पुलिस के आला अफसर जगह-जगह लाठी चार्ज कर के इस परेड की लेंगे सलामी लेंगे।

राज्य सरकार भी इसी  प्रकार अपने अपने राज्यों में यह दिवस मनाएगी ।  India Inc. की सभी बढ़ी हस्तियों ने इस कदम की प्रशंसा की है । हमारे जानेमाने सलाहकार Consultant श्री घंदन चोयल जी ने बताया – “You know, A day’s strike causes India Inc atleast $2.5B losses. If the Bandh can be pre-regulated & confined to fixed dates, the Industry can accordingly plan out for the same – we can probably shave off a Diwali/Dusherra holiday to balance that, you know….

सभी राजनेतिक दलों ने  भी  इसका स्वागत किया है । श्री प्रकाश करात  ने बंध  दिवस को “लेनिन-मार्क्स डे”  के रूप में मानाने की घोषणा  की है । सुषमा स्वराज् जी ने बंध को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताया और कहा की हर देशभक्त बंध दिवस का समर्थन करता है । उधर RSS प्रमुख मोहन भागवत जी ने माना कि  बंध तो भारत में ही हो सकते हैं , India तो वैसे ही पाश्चात्य संस्कृति के कारण खुल्ला रहता है । 

राहुल गाँधी जी से जब इस विषय पे पुछा गया तो वे सोनिया जी  से बोले – “Mamma what’s a Bandh?!?!?” । तत्पश्चात उनसे कोई भी प्रक्रिया आनी शेष  है। 
 
सूत्रों के अनुसार क्यूंकि जून – जुलाई छुट्टी – less  महीने रहते हैं इसलिए बंध को इन्हीं  महीनो में schedule किया जायेगा । असल डेट्स पंचांग एवं चाँद की दशा अनुसार निर्धारित होंगी ( secularism  के लिए ऐसा आवश्यक है) । 
 
लोगों का कहना है कि बंध डे से काम के बोझ के तले पिसे आम आदमी को काफी राहत मिल सकेगी । 
 
दिल्ली से एक बैंक यूनियन नेता ने सरकार के कदम का समर्थन किया । उन्होंने कहा – “जून में वैसे ही बच्चों की छुट्टियाँ रहती हैं, यदि १-२ दिन का बंद – अवकाश मिल जाय तो बच्चों और मिसेज के साथ मुसूरी , नैनीताल का प्रोग्राम बनाया जा सकता है  ।”
 ऐसे ही, एक प्रमुख IT कंपनी  में काम करने वाले अर्चित भी बंद अवकाश को लेकर काफी उत्साहित प्रतीत हुए । उन्होंने कहा की बंद को वीकेंड के साथ रखा जाय तो बेहतर रहेगा । उनकी बस येही दर्खाव्स्त है की बंद दिवस को अन्य राष्ट्रीय दिवस की तरह “Dry Day ” नहीं घोषित किया जाना चाहिए ।