Monday, 23rd October, 2017

उल्कापिंड के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू

18, Feb 2013 By Sandeep Kadian

रूस मे पिछले दिनों एक उल्कापिंड गिरा जिसकी चर्चा चारों ओर हो रही है. उसी उल्कापिंड ने अपना पहला साक्षात्कार दिया निंदिया टीवी चैनल के पत्रकार को. आगे पढ़िए इस साक्षात्कार के कुछ मुख्य अंश..

पत्रकार: तो उल्कापिंड जी, कैसा लग रहा है आपको धरती पर आ कर?

उल्कापिंड: आप कभी पागलख़ाने गए हैं? बस वैसा वैसा लग रहा है!

पत्रकार: क्या आप इससे पहले किसी और ग्रह पर भी गए हैं?

उल्कापिंड: जी देखो, अब हम भारत के राष्ट्रपति तो हैं नहीं जो रोज़ रोज़ विदेश यात्रा मिले, पहली बार कहीं बाहर आया हूँ.

पत्रकार: तो आप भारत के बारे मे भी जानते हैं?

उल्कापिंड: जी हाँ, एक बार प्रतिभा पाटिल जी की वीसा के लिए अर्ज़ी आई थी, तभी हमने भारत के बारे मे जाना.

पत्रकार: आपको डर नहीं लगा इतनी तेज़ी से गिरते हुए?

उल्कापिंड: जी मुझसे तेज़ तो भारत की अर्थव्यवस्था गिर रही है लेकिन आपके प्रधान मंत्री को कोई डर लग रहा है?

पत्रकार: ख़ैर राजनैतिक बातें रहने देते हैं, आपने हिन्दी कैसे सीखी?

उल्कापिंड: जी जब डॉली बिंद्रा चिल्लाती है तो आवाज़ अंतरिक्ष तक आती है, उसे सुन सुन कर सीख ली.

पत्रकार: क्या आपने पृथ्वी पर पहुँचने की खबर अपने माँ-बाप को दे दी है?

उल्कापिंड: स्पीड पोस्ट भेज दिया था आते ही, अब तक खबर मिल गई होगी.

पत्रकार: ये क्या किया, आप भी स्पीड पोस्ट के झाँसे मे आ गए. खैर ये बताओ कि आपने गिरने के लिए रूस को ही क्यूँ चुना, भारत क्यूँ नहीं आए?

उल्कापिंड: वो मैने सुना है की भारत में या तो बाहर से आने वालों को पकड़ कर वोट बैंक मे डाल दिया जाता है या उन्हे किसी शिव सेना के हाथों पिटना पड़ता है. मुझे दोनों बातें ज़्यादा पसंद नहीं आई.

पत्रकार: सुनने मे आया है कि आप पृथ्वी पर अपने लिए पत्नी ढूँदने आए हैं? क्या ये सच है?

उल्कापिंड: देखिए, शादी का मेरा अभी कोई विचार नहीं है. हमारी शादी तो सिर्फ़ पत्थर या चट्टानों से ही हो सकती है, उपर से मैनें कुछ पत्थर के बुत देखे  आपके भारत के नोएडा मे जिनमे मेरी थोड़ी बहुत रूचि थी, लेकिन जैसा कि मैनें आपको बताया, भारत जाने मे डर लगता है.

पत्रकार: अच्छा जाते जाते एक आख़िरी सवाल, राहुल या मोदी?

उल्कापिंड: ये क्या है!?

पत्रकार: जी ठीक ठीक तो मुझे भी नहीं पता लेकिन उपर से निर्देश है कि हर साक्षात्कार का अंत इसी सवाल से करना है अगले डेढ़ साल तक…