Monday, 23rd October, 2017

बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी

12, Jan 2013 By Dharmesh Sharma

बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी

चाहे  हम हों कितने तगड़े, मुंह वो हमारा धूल में रगड़े, पटक पटक  के हमको मारे, फाड़ दिए है कपड़े सारे, माना कि वो नीच  बहुत है, माना है वो अत्त्याचारी, लेकिन – बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी।

जब भी उसके मन में आये, जबरन वो घर में  घुस जाए, बहु बेटी बहन को छेड़े, बच्चों को भी आँख दिखाए, कोई ना मौका उसने छोड़ा, जब चांस मिला तब लाज उतारी, फिर भी – बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी।

बम यहाँ पे फोड़ा, वहां पे फोड़ा, किसी जगह को नहीं है छोड़ा, मरे हजारों, अनाथ लाखों में, पर गवर्नमेंट को लगता थोड़ा, मर मरा गए तो फर्क पड़ा क्या, आखिर है ही क्या औकात हमारी, इसलिए – बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी।

वैसे है होशियार बहुत हम, सेना भी कर रखी तैयार है, पर सेना गई मोर्चे पर, तो कौन वीआईपी का चौकीदार है? बंदूकों की बना के सब्जी, बमों का डालना अचार है, मातम तो पब्लिक के घर है, गवर्नमेंट का डेली त्यौहार है, ऐसे में वो युद्ध छेड़, क्यूँ बिगाड़े खुद की दुकानदारी, सो – बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी।

लानत है ऐसे सालों पर, जो खा के बैठे दोनों गालों पर, कुछ देर बाद, कुछ देर बाद, रहे टालते हम सालों भर, गवर्नमेंट करती है नाटक, जग में नहीं कोई हिमायत, पर कौन सुने ऐसे हाथी की, जो कॉकरोच की करे शिकायत! इलाज पता बच्चे बच्चे को, पर कोई मजबूरी है सरकारी, इसलिए – बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी, बातचीत रहेगी जारी।

– धर्मेश शर्मा