Monday, 23rd October, 2017

आलिंगन की लाइलाज खानदानी बीमारी से ग्रषित बिहार

07, Jan 2016 By khakshar

बिहार. “राज्य की एक-एक घटना पर हमारा ध्यान है। जेल अपराधियों की ट्रेजरी बन गई है। जेल का जैमर फेल हो जाता है। बड़े अपराधी जेल से फोन करते हैं। हमारे राज की तरह अपराधी सरकार को दे रहे चुनौती, कुचल देंगे सिर। लुंज-पुंज अधिकारी हटाए सरकार, डीएम-एसपी गांवों में गुजारें रात,” लालू यादव आईजीआईएमएस अस्पताल के दौरा करते हुए बक रहे थे। घोडा रुपी बड़े पुत्र के बदले गधा रूप में स्वास्थ मंत्रालय की जिम्मेदारी निभा रहे थे लालू जी। बड़े पुत्र प्रदुषण कम करने के लिए घोड़ा दौड़ा रहे हैं जबकि पिता गधे की तरह जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

लालु जी ने पहले तेज प्रताप को अस्पताल की अवस्था बताई और फिर फ़ोन पर ही स्वास्थ्य सचिव को लताड़ा। जब संस्थान के निदेशक ने नए निर्माण भवन के लिए राज्य सरकार के पास सालों से अटकी राशि का ज़िक्र किया तो लालू जी गरमा गए और घिसक लिए।

हर मुश्किल का हल तेज ब्रदर्स के पास
हर मुश्किल का हल तेज ब्रदर्स के पास

कुछ दिन पहले एक और सरकारी अस्पताल के निरिक्षण पे गए स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप का क्रोध भी चरम सीमा पर था जब अस्पताल के परिसर में कुछ गधे देख लिए। हालाँकि सूत्र बताते हैं की मंत्री जी अस्पताल परिसर में रखे आईने को देख भड़क गए थे। जब उनका तेज क्रोद्ध शांत हुआ तो स्वास्थ्य मंत्री, निदेशक को अपने तरफ खींच कर आलिंगन की कोशिश करने लगे। निदेशक डा o प्रसाद ने समझ लिया की मंत्री जी की बीमारी खानदानी और लाइलाज हैं। बदनामी का डर निदेशक जी को अलग सता रहा था। आखिर एक मुख्यमन्त्री जी अभी तक पिता के आलिंगन पर अपने को पाक और बेदाग साबित नहीं कर पाये हैं। निदेशक डा o प्रसाद धीरे से घटना -स्थल से “टेक-उड़ान” हो गए।

हालाँकि स्वास्थ्य मंत्री पर राजनीतिक प्रशिक्षण का प्रभाव भी विदित था। तीन घण्टे में 102 एम्बुलेंस के अस्पताल नहीं पहुँचने तथा एम्बुलेंस के कारण एक दुसरे मंत्री जी के काफिले को असुविधा के प्रश्न पर पुराने घाघ राजनेता की तरह चुप्पी साध लिया स्वास्थ्य मंत्री ने।

यह भी ज्ञात्वय हुआ है की पर्यावरण मंत्रालय के सचिव आजकल गुड़ से गाड़ी चलाने पर विभिन्न सेमिनार आयोजित कर रहे हैं। गुड़ से गाड़ियां भी चलेंगी और जरूरत पड़ने पर सडक़ पे दौड़ते घोड़ो को भी गुड़ खिलाया जायेगा। आशा यह भी की बिहार में बंद पड़े बीसियों चिंनी -मिलों का पुनरुद्धार भी हो जायेगा। सुशासन के तहत पर्यावरण और स्वास्थ्य मंत्रालय एक ही मंत्री के पास हैं। सूत्रों से जानकारी मिली हैं की यही मशवरा देने के चक्कर में दिल्ली के मुख्यमंत्री आलिंगन के फेर में फँस गए थे।

विपक्ष में दरभंगा हत्या काण्ड के कारण इन सब पर आज -कल थोड़ा नरम दिख रहा हैं। दरभंगा में दो इंजीनियर्स की हत्या के चारों आरोपी हत्या के पहले वाली रात में जिस पार्षद के घर रुके थे, उनकी पत्नी अन्तोत्गत्वा एक विपक्षी पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ता निकली।