Monday, 29th August, 2016

कपिल सिब्बल की रचनाएँ

27, Dec 2012 By SM

नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल जल्द ही अपने कवि कवि जीवन की शुरुआत करने जा रहे हैं.  faking news संवाददाता के हाथ, उनकी आगामी किताब की एक कविता लगी है. हांलाकि ये किताब २०१४ के विधानसभा चुनावों के ठीक पहले विमोचित होने की आशा है, परन्तु हमारे जांबाज़ संवाददाता ने इसे उनके घर से चुराकर यहाँ प्रस्तुत किया है.

जय सोनिया माता, मैया, जय सोनिया माता तुम को निसदिन सेवत, मैया जी को निसदिन सेवत, चिदु, दिग्गी, माया, मैया जय सोनिया माता

मन्नू जी की कंट्रोलर, प्रणब हुकुम बजाता. सीबीआई डंडे से, हर नर डर जाता. मैया, जय सोनिया माता

घोटाला जो करता, इनकी शरण पाता 2G , CWG , पुनि पुनि दोहराता. मैया, जय सोनिया माता

राहुल नामक गदहा, जो कुछ नहीं कर पाता, कृपा आपकी पाके, फर्जी डिग्री पाता. मैया, जय सोनिया माता

pseudo-secular वंश की तुम हो कुल देवी, झूठ, कपट और छल से, हर bill चल जाता. मैया, जय सोनिया माता

तुम हो रोम निवासिनी, La Isla Bonita . स्विस बैंक हो दिक्कत में, तुम्ही मुक्तिदाता. मैया, जय सोनिया माता

pizza, lasagne, pasta, प्रसाद रूप मिलता, italian espresso संग में फ्री आता, मैया, जय सोनिया माता

मंहगाई डायन बनके, करी फिल्म एंट्री, भ्रष्टवाद पर्याय CON-gress बन जाता. मैया, जय सोनिया माता

सोनिया जी की आरती, जो कोई जन गावे, कह रहे सिब्बल भाई, कोटि नकद पाता. मैया, जय सोनिया माता

जय सोनिया माता, मैया, जय सोनिया माता तुम को निसदिन सेवत, मैया जी को निसदिन सेवत, चिदु, दिग्गी, माया, मैया जय सोनिया माता

हम आशा करते हैं की ये कविता संग्रह सफलता की बुलंदियों को छुए और श्री कपिल सिब्बल जी राजनीती छोड़ के full time कवि बन जाएँ.