Tuesday, 21st November, 2017

२०१४ चुनाव: एक तरफ खाईं तो दूसरी तरफ कौन

16, Aug 2013 By poornaviraam
“गूँगे” ने मचाया इतना शोर, कि दुनिया अब, “बड़बोले” को चुनने चली !”ढैंचू ढैंचू” से हुई इतनी बोर, कि दुनिया अब, “मैं मैं” को चुनने चली !”ठाकुर” तो निकला बेबस़ और कमज़ोर, कि दुनिया अब, “गब्बर” को चुनने चली !”Secularism का बुर्खा़” पहनने वाले तो निकले चोर, कि दुनिया अब, “मौत के सौदागर” को चुनने चली !

“ठीक है” से नहीं चलेगा, India मांगे More, कि दुनिया अब, “Act” नहीं “Action” को चुनने चली !

एै “धृतराष्ट”, तू अब तो गद्दी छोड़, कि दुनिया अब, “औरंगजे़ब” को चुनने चली !